Sunday, April 12, 2026
Home उत्तराखण्ड बीते दस दिनों में 24 लोगों पर किया हमला टनकपुर में मधुमक्खियों...

बीते दस दिनों में 24 लोगों पर किया हमला टनकपुर में मधुमक्खियों के हमले में 5 लोग घायल

0
2

चंपावत: टनकपुर में इन दिनों मधुमक्खियों का आतंक छाया हुआ है. बीते दिन टनकपुर के बस स्टेशन के पास रेलवे क्रॉसिंग में मधुमक्खियों के झुंड ने आमजन पर हमला कर दिया.जिसमे पांच लोग घायल हो गए। जिन्हे उपजिला चिकित्सालय टनकपुर भर्ती कराया गया. चिकित्सकों द्वारा मधुमक्खी के काटने से घायल हुए लोगों का इलाज किया गया.मधुमक्खियों का आतंक टनकपुर क्षेत्र में कुछ इस कदर छाया है कि बीते 10 दिनों में मधुमक्खियों के चार अलग-अलग हमले में 24 लोग घायल हो गए हैं। इसके बाद वन विभाग भी विभाग भी एलर्ट मोड में आ गया है. पिछले कुछ समय से टनकपुर में मधुमक्खियों का आतंक बना हुआ है। पिछले 10 दिनों में 4 बार मधुमक्खियों ने अलग-अलग स्थानों पर हमला कर 24 से अधिक लोगों को घायल कर दिया ।सोमवार को शहर के बस स्टेशन के पास मधुमक्खियों के झुंड ने रेलवे क्रॉसिंग के नजदीक लोगों पर हमला कर दिया. हमले में 5 लोग घायल हो गए।

घायलों को तत्काल टनकपुर उप जिला अस्पताल लाया गया जहां चिकित्सकों ने सभी घायलों की हालत खतरे से बाहर बताई है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि सोमवार दोपहर में रेलवे क्रासिंग के पास एकाएक मधुमक्खियों का झुंड उड़ता हुआ आया और लोगों पर हमला कर दिया। इससे सड़क पर आवाजाही करने वालों में अफरातफरी मच गई। इस दौरान 5 लोगों पर मधुमक्खियां चिपट गई। स्थानीय लोगों ने धुएं और कंबल की मदद से उनके शरीर से मधुमक्खियों को हटाया। हमले में बालक राम (55) पुत्र राम भरोसे, निवासी वार्ड नंबर चार, मेवा राम (64) पुत्र राम भरोसे वार्ड 11 विष्णुपुरी कालोनी, उमेश प्रजापति (27) पुत्र मेवा राम, निवासी वार्ड 11 विष्णुपुरी कॉलोनी, राम प्यारी (50) पत्नी बालक राम, निवासी वार्ड नंबर चार और जितेंद्र (28) पुत्र प्रदीप कुमार, निवासी सिविल लाइंस बरेली घायल हो गए। डॉ. जितेंद्र जोशी ने बताया कि घायलों की हालत खतरे से बाहर है। वैसे इससे पूर्व भी मधुमक्खियों ने शारदा घाट, आमबाग और बस स्टेशन में लोगों को घायल कर दिया था। शारदा रेंज के वन क्षेत्राधिकारी पीसी जोशी ने बताया कि इन दिनों मधुमक्खियों के छत्तों पर शहद बना हुआ है। शहद खाने के लिए अक्सर बाज इनके छत्तों पर चोंच मार देता है। जिससे मधुमक्खियां आक्रामक हो जाती हैं, जिससे वे हमलावर हो जाती हैं।