Saturday, July 4, 2026
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धामी सरकार लोकतांत्रिक चुनावों से भाग रही है: सूर्यकांत धस्माना

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Surya Kant Dhasmana
Surya Kant Dhasmana

देहरादून। उत्तराखंड में चुनावी प्रक्रियाओं को लेकर सियासत गर्म हो गई है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने प्रदेश की पुष्कर सिंह धामी सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार छात्र संघ, सहकारिता, निकाय और पंचायत चुनावों से लगातार बचने का प्रयास कर रही है। उन्होंने इसे लोकतंत्र का अपमान बताते हुए कहा कि सरकार को हर चुनाव में हार का डर सता रहा है, जिसके कारण लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को जानबूझकर टाला जा रहा है।

छात्र संघ चुनावों पर आरोप

धस्माना ने आरोप लगाया कि राज्य के प्रमुख महाविद्यालय, विशेष रूप से डीएवी कॉलेज, में छात्र संघ चुनाव नहीं कराए जा रहे हैं। उनका कहना है कि सरकार को अपने समर्थित छात्र संगठनों की हार का अंदेशा था, इसलिए यह निर्णय लिया गया। उन्होंने इसे युवाओं की लोकतांत्रिक भागीदारी को रोकने का षड्यंत्र बताया।

सहकारिता और निकाय चुनावों में भी देरी

सहकारिता चुनावों का जिक्र करते हुए धस्माना ने कहा कि लंबे समय से विभिन्न बहाने बनाकर इन्हें टाला जा रहा है। यही नहीं, नगर निगम, नगर पालिका परिषद और नगर पंचायतों के चुनाव भी पिछले एक साल से नहीं कराए गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने बार-बार हाई कोर्ट में हलफनामा देकर इन चुनावों से बचने की कोशिश की। इसके कारण जनता को बिना जनप्रतिनिधियों के अपनी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

पंचायत चुनावों पर भी चुप्पी

पंचायतों का कार्यकाल समाप्त हो जाने के बावजूद अब तक पंचायत चुनाव की प्रक्रिया शुरू नहीं की गई है। धस्माना ने कहा कि सरकार और राज्य निर्वाचन आयोग ने इस मामले में अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया। प्रशासनिक नियुक्तियों के जरिए पंचायतों को चलाना, लोकतांत्रिक प्रक्रिया को दरकिनार करने का स्पष्ट प्रमाण है।

निर्वाचन आयोग पर निशाना

राज्य निर्वाचन आयोग पर निशाना साधते हुए धस्माना ने कहा कि आयोग न तो निकाय और न ही पंचायत चुनाव कराने में सक्षम है। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि ऐसे हालात में निर्वाचन आयोग के दफ्तर पर ताले डाल देना ही बेहतर होगा।

लोकतंत्र पर सरकार की आस्था पर सवाल

धस्माना ने कहा कि धामी सरकार की लोकतंत्र में कोई आस्था नहीं है। सरकार स्थानीय निकायों और पंचायतों में जनप्रतिनिधियों को निर्वाचित करने के बजाय उन्हें कमजोर कर रही है, जो लोकतंत्र के पहले पायदान को हिलाने का प्रयास है।

कांग्रेस का बड़ा आंदोलन

कांग्रेस पार्टी ने राज्य सरकार के इस रवैये के खिलाफ बड़ा आंदोलन छेड़ने की घोषणा की है। धस्माना ने कहा कि निकाय और पंचायत चुनाव कराने के लिए कांग्रेस पूरे राज्य में सम्मेलन आयोजित करेगी। इसके जरिए जनता को जागरूक कर प्रदेश सरकार के खिलाफ एक व्यापक आंदोलन खड़ा किया जाएगा।

प्रदेश कांग्रेस की इस तीखी आलोचना ने राज्य की सियासत में नई बहस छेड़ दी है। अब देखना होगा कि सरकार इन आरोपों का किस तरह से जवाब देती है।

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