Saturday, April 11, 2026
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साल भर में 1.44 लाख लोगों के आवेदन निरस्त भविष्य निधि निकालने में वर्तमान के नियम पड़ रहे भारी

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बीते एक साल में भविष्य निधि (पीएफ) खातों से धनराशि निकालने के लिए किए गए आवेदनों में से 1.44 लाख आवेदन निरस्त हो गए। नियमों के आड़े आने के कारण पूर्व के वर्षों में भी 20-25 फीसदी कर्मचारियों को पीएफ की धनराशि हासिल नहीं हो सकी है। हालांकि कर्मियों को आसानी से पैसा मिले, इसके लिए नियम, शर्तें सरल बनाने की प्रक्रिया चल रही है।सहायक आयुक्त दयानिधि वत्स ने बताया कि ईपीएफओ की पॉलिसी के तहत पैसा निकालने के लिए कुछ शर्तें निर्धारित की गई हैं। कर्मचारी अक्सर एक बार किसी विशेष कार्य के लिए पैसा निकालने के बाद भी दोबारा से उसी कार्य का हवाला देते हुए आवेदन करते हैं। इसके चलते उनके आवेदन निरस्त हो जाते हैं। उन्होंने बताया कि यदि कोई व्यक्ति अपनी सर्विस के दौरान मकान बनाने के नाम पर एक बार क्लेम ले चुका है और वह दोबारा भवन के लिए ही आवेदन करता है तो उसे निरस्त कर दिया जाता है।

बीमारी की स्थिति में ही निकाली जा सकती है एक से अधिक बार रकम
सहायक आयुक्त दयानिधि वत्स ने बताया कि कर्मचारियों के भविष्य निधि का पैसा उनके बुढ़ापे और सामाजिक सुरक्षा के लिए होता है। इसे निकालने के लिए कारण और समय का मिलान होना जरूरी है। मकान निर्माण व मरम्मत करने, बीमारी या अन्य मदों में निकासी के लिए सेवा अवधि और अंतराल की अलग-अलग शर्तें हैं। इन शर्तों पर खरे नहीं उतरने वाले आवेदनों को सिस्टम स्वयं ही रिजेक्ट कर देता है। उन्होंने बताया कि बीमारी की स्थिति में पीएफ से एक से अधिक बार धनराशि की निकासी की जा सकती है।

यह हैं आवेदन निरस्त होने के कारण
सर्विस के दौरान मकान बनाने के लिए एक से अधिक बार आवेदन करना
बार-बार मकान की मरम्मत कराने के लिए धनराशि की मांग करना
तीन बार से अधिक बार बच्चों की शिक्षा या शादी के आवेदन करना

पिछले चार साल में हुए आवेदन
साल आवेदन निरस्त

2022 3,50,000 93,000
2023 3,78,000 1,08,000
2024 4,60,000 1,12,000
2025 5,90,000 1,44,000

नोट- यह डेटा अप्रैल से 31 मार्च तक के हैं।
कर्मचारियों को अपने भविष्य निधि का पैसा निकालने में परेशानी न हो इसके लिए ईपीएफओ के नियम और शर्तों को सरल बनाने का काम किया जा रहा है। जल्द ही नए नियमों को पोर्टल में अपडेट करा दिया जाएगा। – दयानिधि वत्स, सहायक आयुक्त ईपीएफओ