भदोही में बुधवार को आए तूफान ने कई परिवारों की खुशियां छीन लीं। सबसे दर्दनाक हादसा सुरियावां कोतवाली के खरगसेनपट्टी में हुआ। यहां नीम का पेड़ गिरने से मकान के मलबे में दबकर अशोक गौतम की पत्नी सुधा (30), बेटी आरूही (4), जूही (6 माह) और बेटे आदर्श (8) की मौत हो गई। जूही को सीने में लगाए सुधा का शव मलबे से निकाला गया तो लोगों का कलेजा कांप उठा। सुधा ने आखिरी समय तक अपनी बेटी को सीने से लगाए रखा।सुधा की देवरानी दुर्गा ने बताया कि वह अपने बच्चे को दवा दिलाने के लिए मायके भदोही के पकरी गई थी। वह लौटने वाली थी कि तूफान आ गया। वह वहीं पर रुक गई। दुर्गा ने बताया कि तूफान जैसे ही रुका, वह घर आ गई। इसी बीच यहां घटना हो गई।प्रधानपति फूल चंद गाैतम, पड़ोसी प्रदीप गौतम और रामजीत यादव ने बताया कि जब तूफान आया तो हर कोई अपने अपने घरों की तरफ दौड़ पड़ा। सुधा भी अपने तीनों बच्चों को लेकर घर पहुंच गईं। इस बीच हवा के तेज झोंके में नीम का पेड़ मकान पर गिर गया, जिससे मलबे के नीचे सुधा के अलावा उनकी बेटी आरूही, जूही और बेटे आदर्श दब गए। दुर्गा ने बताया कि सुधा के पति अशोक अपने परिवार के पालन-पोषण के लिए मुंबई में काम करते हैं। हादसे की खबर के बाद वह शुक्रवार को लौटेंगे।
दो दिन पहले बजी थी शहनाई, देवरानी-जेठानी की मौत से मातम
औराई कोतवाली क्षेत्र के दो गांवों में बुधवार को आई आंधी से चार महिलाओं की मौत होने से मातम छाया हुआ है। औराई के सरौली उगापुर में 12 मई को कमला शंकर के बेटे भरत की शादी थी। 13 मई को बहू घर आई, लेकिन शाम ढलते-ढलते ऐसा तूफान आया कि परिवार की जेठानी लालती और देवरानी गीता देवी को तूफान ने अपनी चपेट में ले लिया। ये सभी चौथी का रस्म निभाने के लिए दूल्हे भरत के साथ एक पूजा स्थल पर पहुंची थीं। घटना में भरत की मौसी भईसहवां पिपरगांव निवासी राजकुमारी की भी मौत हो गई।
अधिकारी बोले
जिले में मृतकों के परिवारों को मुआवजा देने के लिए रिपोर्ट बनाई जा रही है। जो जन-धन की हानि हुई है, इसकी भी रिपोर्ट तैयार की जा रही है। रिपोर्ट मिलने के बाद सभी को उचित मुआवजा दिलाया जाएगा। –शैलेश कुमार, जिलाधिकारी






