उत्तर प्रदेश में युवाओं को कौशल निखारकर रोजगार व स्वरोजगार के लिए तैयार करने की कवायद गति पकड़ रही है। इसके तहत उप्र कौशल विकास मिशन न सिर्फ प्रशिक्षण लक्ष्य बढ़ाया है, बल्कि अब इसका विस्तार अत्यंत गरीब परिवार के युवाओं तक करने का निर्णय लिया है। खास यह कि इन युवाओं को कौशल प्रशिक्षण के साथ ही न्यूनतम वेतनमान पर रोजगार भी दिलाया जाएगा।मिशन की हाल ही हुई बैठक में इस बात की कार्ययोजना तैयार की गई कि प्रदेश के जीरो पॉवर्टी के तहत आने वाले परिवारों के युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए कौशल विकास मिशन उन्हें कौशल प्रशिक्षण देगा।
युवाओं को कौशल प्रशिक्षण दिया जाएगा
इसके लिए मिशन ने विशेष कार्ययोजना बनाई है। जल्द ही इसके दिशा-निर्देश भी जारी कर दिए जाएंगे। मिशन के अनुसार कौशल विकास मंत्रालय ने इस विशेष योजना के तहत 50 करोड़ रुपये दिए गए हैं। इससे इन युवाओं को कौशल प्रशिक्षण दिया जाएगा। साथ ही उन्हें न्यूनतम छह महीने तक 16500 की नौकरी दिलाने की अनिवार्यता भी की जाएगी। यह लक्ष्य कौशल प्रशिक्षण देने वाले ट्रेनिंग पार्टनर को दिया जाएगा। मिशन के अनुसार ड्राइवर, फिटर, मैकेनिक, रसोइयां, स्वास्थ्य सहयोगी जैसे कई क्षेत्र हैं, जिसमें इनके लिए बेहतर मौके मिल सकते हैं।
20 हजार युवाओं को दी जाएगी ट्रेनिंग
मिशन के अधिकारियों के अनुसार इस वित्तीय वर्ष में योजना के तहत जीरो पॉवर्टी परिवार के 20 हजार युवाओं को ट्रेनिंग दी जाएगी। यह प्रशिक्षण आवासीय होगा। इससे युवाओं को किसी तरह की दिक्कत प्रशिक्षण लेने में नहीं होगी। खास यह कि इसके लिए इन्हें अपना क्षेत्र भी नहीं छोड़ना होगा। इस योजना से अत्यंत गरीब के परिवारों के युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने में भी काफी सहयोग मिलेगा।






