पछवादून में नियम के विरुद्ध दिन में भी खनिज से भरे डंपर और ट्रैक्टर-ट्रॉली सड़कों पर फर्राटा भर रहे हैं। इन वाहनों की रफ्तार लोगों के लिए काल बन रही है। लगातार दुर्घटनाओं के मामले सामने आने के बाद भी पुलिस और परिवहन विभाग जांच के लिए सड़कों पर नहीं उतर रहे हैं। बुधवार को डंपर के नीचे आने से प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे युवक की सांसें थम गईं। वहीं, परिवार की उम्मीदें भी बेटे के असमय जाने के साथ टूट गई। यह डंपर और ट्रैक्टर-ट्रॉली की चपेट में आने से मौत का पहला मामला नहीं है। इस तरह से हादसे पछवादून क्षेत्र में लगातार हो रहे हैं। दून-पांवटा और दिल्ली यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग के साथ विकासनगर, हरबर्टपुर, सहसपुर क्षेत्र के बाजारों व अंदरूनी गलियों तक में खनिज से भरे डंपरों और ट्रैक्टर-ट्रॉली की दिनभर आवाजाही जारी रहती है। कई बार नाबालिग के हाथ में ही डंपर और ट्रैक्टर-ट्रॉली का स्टेयरिंग थमा दिया जाता है। स्कूल, अस्पतालों और बाजारों से दिनभर डंपर और ट्रैक्टर-ट्रॉली दनदनाते हुए निकलते रहते हैं। बच्चों को स्कूल, कॉलेज, ट्यूशन और बाहर खेलने के लिए भेजने पर माता-पिता को उनकी कुशलता की चिंता लगी रहती है। वहीं, कामकाजी लोगों के घर पहुंचने तक उनके परिवार चिंतित रहते हैं। सहसपुर के सिंघनीवाला में बस दुर्घटना के बाद पुलिस की नींद खुली है। सीओ विकासनगर बीएल शाह ने कहा कि ओवरलोड और तेज रफ्तार वाहनों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। कोतवाली पुलिस को बाजार क्षेत्र और आसपास जांच अभियान शुरू करने के निर्देश दिए जाएंगे।






