Sunday, April 5, 2026
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आरटीआई कार्यकर्ता शहीद राजेश सूरी की स्मृति में हस्ताक्षर अभियान और श्रद्धांजलि सभा आयोजित

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देहरादून, 30 नवंबर 2024 – आज दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक गांधी पार्क गेट के सामने आरटीआई क्लब उत्तराखंड द्वारा शहीद अधिवक्ता राजेश सूरी के शहीद दिवस पर उन्हें न्याय दिलाने और उनकी स्मृति को सम्मानित करने के लिए एक हस्ताक्षर अभियान आयोजित किया गया। इस आयोजन में बड़ी संख्या में नागरिकों ने भाग लिया और शहीद राजेश सूरी के जनहित में किए गए कार्यों को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी।

हस्ताक्षर अभियान और जनजागरूकता

कार्यक्रम के दौरान, शहीद राजेश सूरी की बहन कुमारी रीता सूरी ने नागरिकों को उनके द्वारा किए गए जनहितकारी कार्यों के बारे में बताया। उन्होंने सूरी के संघर्ष और उनके द्वारा आरटीआई के माध्यम से लोगों के अधिकारों की रक्षा के प्रयासों को साझा किया।
आरटीआई क्लब के पदाधिकारियों ने उपस्थित नागरिकों को आरटीआई कानून के प्रावधानों और इसके उपयोग के तरीकों से अवगत कराया। नागरिकों को जागरूक करने के साथ-साथ हस्ताक्षर अभियान के माध्यम से सूरी को न्याय दिलाने की मांग को मजबूती दी गई।

श्रद्धांजलि सभा

कार्यक्रम के अंत में आरटीआई क्लब के सदस्यों और उपस्थित नागरिकों ने मोमबत्तियां जलाकर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर सभी ने एक स्वर में राजेश सूरी के आदर्शों और उनके द्वारा उठाए गए मुद्दों को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई।

उल्लेखनीय उपस्थिति

कार्यक्रम में आरटीआई क्लब के अध्यक्ष डॉ. बी.पी. मैठानी, उपाध्यक्ष कुमारी रीता सूरी, महासचिव अमर सिंह धुनता, सचिव यज्ञ भूषण शर्मा, संगठन सचिव सुरेंद्र सिंह थापा और अजय नारायण शर्मा सहित क्लब के कई अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे। साथ ही, राजीव कपूर, सुधीर जोशी, सरदार खुशवीर सिंह, अशोक वर्मा और अन्य गणमान्य नागरिकों ने भी कार्यक्रम में भाग लिया।

सूरी के योगदान को किया गया याद

शहीद राजेश सूरी को याद करते हुए वक्ताओं ने उनके साहसिक प्रयासों और समाज के प्रति उनकी प्रतिबद्धता की सराहना की। उन्होंने कहा कि सूरी ने अपने जीवन को जनहित के मुद्दों के लिए समर्पित किया और आरटीआई कानून के उपयोग से भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज बुलंद की।

आरटीआई क्लब उत्तराखंड ने इस अवसर पर घोषणा की कि वे न्याय की लड़ाई में सूरी के परिवार के साथ मजबूती से खड़े रहेंगे और उनके सपनों को साकार करने के लिए लगातार प्रयास करेंगे।

इस आयोजन ने नागरिकों को न केवल सूरी के योगदान से परिचित कराया, बल्कि समाज में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए आरटीआई कानून के महत्व पर भी जोर दिया।

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