Tuesday, April 28, 2026
Home उत्तराखण्ड सीवेज की पुरानी समस्या का हल अब करीब

सीवेज की पुरानी समस्या का हल अब करीब

0
5

नगर पंचायत स्वर्गाश्रम जौंक के लोगों को अब जल्द ही सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) की समस्या से निजात मिलेगी। वेद निकेतन के समीप 84 कुटिया जाने वाले मार्ग के किनारे तीन एमएलडी का नया सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट तैयार किया जा रहा है। प्लांट का निर्माण कार्य जनवरी 2026 तक पूरा हो जाएगा।नगर पंचायत स्वर्गाश्रम जौंक में निर्माणाधीन सीवेज प्लांट के समीप करीब 15 वर्ष पहले तीन एमएलडी का सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाया गया था। वर्तमान समय में क्षमता कम होने के कारण प्लांट में सीवेज की गंदगी सही तरीके से पंपिंग नहीं हो पा रही है। साथ ही सीवर की सारी गंदगी गंगा में प्रवाहित हो रही थी।

समस्या से निजात दिलाने के लिए स्थानीय लोगों ने प्लांट की क्षमता बढ़ाने की मांग की थी। लोगों की समस्या को देखते हुए शासन की ओर से यहां पर करीब 8 करोड़ रुपये की लागत से तीन एमएलडी का एक और सीवेज प्लांट बनाया जा रहा है।कार्यदायी संस्था निर्माण एवं अनुरक्षण इकाई (गंगा) उत्तराखंड पेयजल निगम की ओर से वर्ष 2023 में इसका निर्माण कार्य शुरू किया गया था, जो जनवरी 2026 तक पूरा होगा। उसके बाद निकाय क्षेत्र में दोनों सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट को मिलाकर इसकी कुल क्षमता छह एमएलडी हो जाएगी।

कोट
जनवरी 2026 तक निर्माणाधीन सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा। उम्मीद है कि मार्च अप्रैल 2026 में प्लांट का संचालन भी शुरू कर दिया जाएगा। – दीपक वत्स, सहायक अभियंता, निर्माण एवं अनुरक्षण इकाई (गंगा) उत्तराखंड पेयजल निगम