बरेली में बिजली संकट को लेकर शनिवार को सर्किट हाउस में वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री डॉ. अरुण कुमार व कैंट विधायक संजीव अग्रवाल की अध्यक्षता में बैठक हुई। दोनों नेताओं ने अधिकारियों को फटकार लगाते हुए कहा कि विद्युत अफसर जिनप्रतिनिधियों की कॉल रिसीव नहीं करते। इससे आक्रोश बढ़ रहा है। किला, सुभाषनगर, राजेंद्रनगर, हरूनगला, पवन विहार में बिजली संकट का मुद्दा छाया रहा।वन मंत्री ने कहा कि 20-25 दिनों से आंधी-बारिश की वजह से शहर की बिजली व्यवस्था और चौपट हो गई है। इस पर विद्युत निगम के अधिकारी लाइनमैनों की कमी का रोना रोते रहे। उन्होंने बैठक में मौजूद विद्युत निगम के चीफ इंजीनियर मनीष मित्तल से कहा तो तत्काल 10 गैंग लाइनमैनों की मंजूरी मिल गई। मंत्री ने कहा कि अब लाइनमैन की कमी का रोना नहीं रोएंगे। किला क्षेत्र में सबसे ज्यादा ट्रांसफार्मर फुंकने के मामले आ रहे हैं। इसे ठीक किया जाए। जेई व एसडीओ क्षेत्रीय पार्षदों का नंबर सेव कर लें, ताकि कॉल रिसीव न होने पर उनको दोबारा कॉल कर सकें। 24 घंटे रोस्टर के सापेक्ष कुछ जगहों पर फॉल्ट के चलते आठ घंटे ही विद्युत आपूर्ति हो रही है।कैंट विधायक संजीव अग्रवाल ने कहा कि किला, सुभाषनगर, राजेंद्रनगर, हरूनगला, पवन विहार इलाकों में बिजली की समस्या अधिक है। इन क्षेत्रों में जर्जर तार, खंभे, ट्रांसफार्मर को बदला जाए। इसका निस्तारण 15 दिन में किया जाए। निगम के अधिकारी व कर्मचारी सरकार के खिलाफ काम करेंगे तो हम बर्दाश्त नहीं करेंगे। इस दौरान डीएम अविनाश सिंह, मुख्य अभियंता ज्ञान प्रकाश आदि मौजूद रहे।
बैठक के तीन घंटे बाद ही आदेश बेअसर
सर्किट हाउस में बैठक खत्म हुए तीन घंटे भी नहीं बीते कि किला क्षेत्र में हेल्प डेस्क व अधिकारियों के नंबर बंद मिले। किला उपकेंद्र के किराना स्टोर के पास फेस चला गया। इससे 150 घरों में बिजली की समस्या बनी हुई है। पार्षद गौरव सक्सेना ने हेल्प डेस्क व अधिकारियों को कॉल की, लेकिन नंबर बंद मिले। पार्षद का आरोप है कि तीन घंटे पहले मंत्री व विधायक ने अधिकारियों को व्यवस्था सुधारने का आदेश दिया था जो धरा का धरा रह गया।
अशरफ खां छावनी में छह दिन से बिजली नहीं
सीबीगंज उपकेंद्र से पोषित अशरफ खां छावनी में छह दिन से बिजली नहीं है। यहां की दो हजार आबादी भीषण गर्मी से जूझ रही है। पानी का भी संकट उत्पन्न हो गया है। अशरफ खां छावनी में 18 मई की रात बिजली चली गई। उपभोक्ताओं ने उपकेंद्र पर इसकी शिकायत की तो दो दिन तक कोई कर्मचारी देखने तक नहीं आया। फिर लोगों ने जेई, एसडीओ से भी शिकायत की। शुक्रवार रात 11 बजे स्थानीय नागरिकों ने उपकेंद्र पहुंचकर घेराव किया तो शनिवार को लाइनमैन मौके पर पहुंचे। फॉल्ट खोजने का प्रयास किया, पर नाकाम रहे।सिविल लाइंस तृतीय उपकेंद्र के पास तार पर पेड़ की टहनी गिरने के कारण शनिवार शाम पांच से छह बजे तक बिजली गुल रही। इससे अमर उजाला फीडर से पोषित तीन हजार आबादी प्रभावित रही। कालीबाड़ी में सुबह 11 बजे बिजली गुल हुई तो रात नौ बजे आई। इससे इलाके की तीन हजार आबादी भीषण गर्मी व पानी के संकट से जूझती रही। हरूनगला उपकेंद्र के सनराइज मोहल्ले में दोपहर तीन बजे लाइट चली गई, यह शाम को 5:30 बजे आई। सेटेलाइट में भी लोकल फॉल्ट के कारण शाम चार से सात बजे तक बिजली गुल रही। पवन विहार में दिनभर ट्रिपिंग होती रही। सुरेश शर्मा नगर में शनिवार रात 7:15 बजे तार में आग लगने से आपूर्ति प्रभावित रही। अधिशासी अभियंता नितिन कुमार ने बताया कि अशरफ खां छावनी मामले में एसडीओ को बोला है। लोकल फॉल्ट है, उसका पता लगाया जा रहा है। प्राथमिकता के आधार पर अन्य समस्याओं का समाधान किया जा रहा है।
बिजली कटौती से 12 वार्डों में गहराया जल संकट
बिजली कटौती की वजह से शहर के 12 से अधिक वाडों में जल संकट पैदा हो गया है। कुछ वार्डों में दिनभर में केवल दो ही घंटे पानी आ रहा है। हरूनगला, पवन विहार, महानगर, कोहाड़ापीर, सनसिटी, किला, सुभाषनगर, सीबीगंज, स्वालेनगर, संजयनगर और पुराना शहर समेत अन्य इलाकों में पानी की समस्या बनी हुई है। प्रशासन ने बिजली आपूर्ति को पटरी पर लाने के लिए पीक ऑवर्स (शाम सात से रात नौ बजे तक) में 31 मई तक विभिन्न विद्युत उपकेंद्रों पर जिम्मेदार अधिकारियों की विशेष ड्यूटी लगाई है, ताकि पानी की सप्लाई के दौरान बिजली की समस्या उत्पन्न न हो। इन अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे संबंधित उपकेंद्रों और उससे जुड़े क्षेत्रों का सत्यापन करेंगे। उपभोक्ताओं की समस्याओं का मौके पर ही निराकरण कराएंगे और अपनी दैनिक रिपोर्ट व्हाट्सएप ग्रुप से अधिकारियों को भेजेंगे।






