बिहार की महिला ने 10 साड़ी और 16 हजार रुपये के लिए अपनी 12 साल की बेटी को बेच दिया। पहले नाबालिग को खरीदने और मंदिर में शादी का दिखावा करने वाले 40 वर्षीय आरोपी लहरू यादव ने उससे चार महीने तक दुष्कर्म किया फिर ऑटो चालक ने दुष्कर्म किया। सारनाथ थाने की पुलिस ने करीब चार महीने पुराने मामले का खुलासा शनिवार को किया। पुलिस के मुताबिक पीड़िता की तहरीर के आधार पर 21 मई को दुष्कर्म, पॉक्सो एक्ट और मानव तस्करी सहित अन्य आरोपों में प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
पुलिस ने की कार्रवाई
शनिवार को फरीदपुर अंडरपास और सारनाथ रेलवे स्टेशन के पास से पीड़िता की मां, चंदौली के लहरू यादव उर्फ राकेश और झारखंड के रवि वर्मा को गिरफ्तार कर लिया गया।मामला जनवरी 2026 का है। बिहार की अरवल निवासी महिला ने अपनी बेटी को चंदौली के बलुआ हरधन निवासी लहरू यादव को बेच दिया था। इसके बदले लहरू ने नाबालिग की मां को 16 हजार रुपये दिए थे। 10 साड़ी भी दी थी। दिखावे के लिए लहरू ने नाबालिग से चहनिया क्षेत्र के एक मंदिर में शादी की थी लेकिन पत्नी के तौर पर नहीं रखा था। अपने बच्चों और परिजनों से दूरी बनाकर रहता था। वह कम उम्र का दिखे इसलिए दिल्ली गया और 90 हजार रुपये में हेयर ट्रांसप्लांट कराकर लौटा। लहरू दो बच्चों का पिता है। उसकी पत्नी का निधन हो चुका है।सारनाथ थाना प्रभारी पंकज त्रिपाठी ने बताया कि नाबालिग को खरीदने वाले लहरू ने चार महीने तक उसे अपने पास रखा था। इस बीच उससे दुष्कर्म करता रहा। 19 मई को लहरू नाबालिग को बनारस रेलवे स्टेशन मंडुवाडीह ले आया और वहीं छोड़कर भाग निकला।
ऑटो चालक ने दिया था मदद का भरोसा
नाबालिग को अकेला देख झारखंड निवासी ऑटो चालक रवि वर्मा ने मदद का भरोसा दिलाया और उसे साथ ले गया। रवि पहड़िया में रहकर ऑटो चलाता है। रवि ने सारनाथ स्थित तालाब के पास नाबालिग से दुष्कर्म किया। शोर मचाने पर नाबालिग को जान से मारने की धमकी दी।दुष्कर्म के बाद ऑटो चालक उसे लेकर अपने घर पहड़िया गया। ऑटो चालक के घर में नाबालिग को देखकर आसपास के लोगों को शक हुआ और उन्होंने पूरे मामले की सूचना सारनाथ थाने की पुलिस को दे दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने नाबालिग को ऑटो चालक के चंगुल से मुक्त कराया और उससे पूछताछ करके पूरे प्रकरण का खुलासा किया।






