Saturday, August 22, 2026
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इकलौते बेटे समेत चार मौतों से टूटा दुखों का पहाड़ भवाली हादसे में उजड़ गया पूरा परिवार

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नैनीताल जिले के भवाली में बृहस्पतिवार को हुए एक सड़क हादसे से खटीमा के अमाऊं क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। हादसे में अमाऊं निवासी भूपेंद्र सिंह चुफाल, उनकी पत्नी और दो मासूम बच्चों की असमय मौत की सूचना से पूरे इलाके में सन्नाटा पसर गया। देखते ही देखते अमाऊं स्थित उनके सूने घर के बाहर पड़ोसियों और स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। हर कोई इस हृदयविदारक घटना से स्तब्ध है।

मां-बाप का इकलौता चिराग थे भूपेंद्र, लखनऊ में रहता था परिवार
स्थानीय लोगों ने रूंधे गले से बताया कि मूल रूप से नाचनी (पिथौरागढ़) का रहने वाला यह चुफाल परिवार 35 वर्ष पहले खटीमा के अमाऊं में आकर बस गया था। मृतक भूपेंद्र सिंह चुफाल अपने माता-पिता के इकलौते पुत्र थे। भूपेंद्र ने अपनी उच्च शिक्षा बनारस से पूरी की थी और वर्तमान में वह पत्नी सीमा कैड़ा चुफाल, बेटे वासु और बेटी रावी के साथ लखनऊ में रहते थे। भूपेंद्र की दो बहनें उमा और कमला हैं जिनकी शादी हो चुकी है।

सूने घर में मां का इंतजार कर रहा था काल
भूपेंद्र की बुजुर्ग मां तुलसी देवी अमाऊं स्थित इसी मकान में अकेली रहती हैं। करीब एक महीना पहले उनके हाथ में गंभीर चोट लग गई थी जिसके बाद देखभाल के लिए उन्हें नोएडा में रह रही उनकी बेटी उमा के घर भेज दिया गया था।मोहल्ले वालों ने बताया कि भूपेंद्र अपनी मां से बेपनाह प्रेम करते थे और तीन महीने पहले ही वह मां का हालचाल जानने और उनसे मिलने खटीमा आए थे। लेकिन किसे पता था कि उनकी मां के साथ वह आखिरी मुलाकात होगी।

ममता पर वज्रपात नोएडा से रोती-बिलखती लौट रही हैं मां
एक हादसे में अपना इकलौता बेटा, बहू और दो मासूम पोता-पोती खो देने वाली मां तुलसी देवी पर दुखों का ऐसा पहाड़ टूटा है जिसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती। नोएडा में रह रहीं तुलसी देवी को जैसे ही फोन पर इस अनहोनी की खबर मिली, वह सुध-बुध खो बैठीं। बदहवास हालत में वह नोएडा से खटीमा के लिए रवाना हो चुकी हैं। घर के बाहर खड़ीं रोती-बिलखती पड़ोस की महिलाओं की आंखें भी इस बूढ़ी मां के दर्द को सोचकर नम हैं।