अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में ओपीडी की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। वर्ष 2025 में वर्षभर के अंतराल में एम्स में 7 लाख 89 हजार मरीज ओपीडी में देखे गए हैं, जबकि अस्पताल के संचालन से अब तक ओपीडी में पंजीकृत कुल रोगियों की यह संख्या 63 लाख से अधिक पहुंच चुकी है।एम्स की कार्यकारी निदेशक प्रो. मीनू सिंह ने बताया कि एम्स एक मानक संस्थान के रूप में अपनी विशिष्ट पहचान बना चुका है। मरीजों का भरोसा और उम्मीद चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों को लगातार बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करती है। ओपीडी सेवाओं का उद्देश्य रोगियों को व्यापक स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना है।संस्थान की ओर से तकनीक आधारित टेलीमेडिसिन ओपीडी सेवा भी संचालित की जा रही है। इससे दैनिक तौर पर दूर-दराज के हजारों लोग लाभान्वित हो रहे हैं। वर्ष 2013 में मैनुअली रजिस्टर में रोगी का नाम अंकित करने की व्यवस्था से शुरू हुआ एम्स ऋषिकेश की ओपीडी सेवाओं का सफर वर्तमान में ऑनलाइन अपॉइंटमेंट लेने की तकनीक आधारित प्रक्रिया तक पहुंच चुका है।
कंप्यूटर आधारित व्यवस्था न होने के कारण शुरू में रजिस्टर पर ही रोगी का नाम और पता लिखे जाते थे। लेकिन आज पंजीकरण का तरीका पूरी तरह बदल चुका है। अब कंप्यूटर आधारित रोगी पंजीकरण व्यवस्था के साथ ही कोई भी व्यक्ति घर बैठे भी ऑनलाइन तकनीक का इस्तेमाल कर चिकित्सक से अपॉइंटमेंट ले सकता है।साल दर साल स्वास्थ्य सुविधाएं विकसित हुईं तो ओपीडी में रोगियों की संख्या भी बढ़ती चली गई। परिणाम यह रहा कि ओपीडी शुरू होने से 31 मार्च 2026 तक एम्स ऋषिकेश में 63 लाख 13 हजार 955 लोग स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ उठा चुके हैं। जबकि आईपीडी (भर्ती मरीजों) की संख्या का यह आंकड़ा 4 लाख 77 हजार 432 तक पहुंच गया है।इनमें न केवल उत्तराखंड बल्कि हिमाचल, पंजाब, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, दिल्ली एनसीआर, हरियाणा, बिहार और नेपाल तक के रोगी भी शामिल हैं। दैनिक तौर पर ओपीडी के आंकड़ों को देखा जाए तो चालू सप्ताह में प्रतिदिन 2500 से 2700 रोगी, ओपीडी में स्वास्थ्य परामर्श लेने पहुंच रहे हैं। इन आंकड़ों में इमरजेंसी सेवाओं की संख्या भी शामिल है।
पिछले 5 वर्षों के दौरान बढ़ा ओपीडी का ग्राफ
वर्ष 2021- कुल ओपीडी- 4, 90, 495
वर्ष 2022- कुल ओपीडी- 6, 20, 654
वर्ष 2023- कुल ओपीडी- 6, 80, 075
वर्ष 2024- कुल ओपीडी- 7, 42, 963
वर्ष 2025- कुल ओपीडी- 7, 89, 187
आईपीडी में भी आया उछाल, 5 सालों में 3.09 लाख रोगी हुए भर्ती
वर्ष 2021- कुल भर्ती रोगी- 46, 492
वर्ष 2022-कुल भर्ती रोगी- 57, 628
वर्ष 2023- कुल भर्ती रोगी- 62, 363
वर्ष 2024- कुल भर्ती रोगी- 68, 855
वर्ष 2025- कुल भर्ती रोगी- 74, 156






