बदरीनाथ हाईवे के वैकल्पिक नंदप्रयाग-सैकोट-कोठियालसैंण-चमोली (12 किमी) मार्ग में सैकोट गांव के समीप खतरा बना हुआ है। यहां करीब 20 मीटर हिस्से में हो रहे भू-धंसाव से सड़क संकरी हो गई है जिससे वाहनां की आवाजाही में मुश्किल हो रही है।इसके अलावा पिलंग के समीप संकरी सड़क और तीखे मोड़ भी परेशानी का सबब बने हैं। बरसात में बदरीनाथ हाईवे के भूस्खलन जोन पर्थाडीप में भूस्खलन सक्रिय हो जाता है। तब प्रशासन की ओर से यात्रा वाहनों की आवाजाही सैकोट-कोठियालसैंण मार्ग से करवाई जाती है। इस वैकल्पिक मार्ग की स्थिति शुरुआत में करीब चार किलोमीटर तक बेहतर है। इसके बाद सैकोट और पिलंग गांव के बीच कुछ जगहों पर उबड़-खाबड़ है।गदेरे के समीप सड़क पर पिछले साल से भू-धंसाव हो रहा है। इस बार भी यहां सड़क धंसने के आसार हैं। स्थानीय लोग इस स्थान पर छेड़छाड़ न करने और सड़क को डायवर्ट करने की मांग कर रहे हैं। अमन थपलियाल और चंडी प्रसाद थपलियाल का कहना है कि लोक निर्माण विभाग की ओर से सड़क का चौड़ीकरण कार्य किया जाना चाहिए। कुछ जगहों पर सड़क बेहद संकरी है, जो यात्रा वाहनों का दबाव नहीं झेल पाती है।






