जनगणना के पहले चरण के तहत प्रदेशभर में चल रही मकान गणना में पहाड़ के दुर्गम गांवों की अलग-अलग तस्वीरें देखने को मिल रही हैं। कई किलोमीटर पैदल चलने के बाद प्रगणकों को कहीं वीरानी नजर आ रही है तो कहीं खुशहाली। प्रदेश में अब मकान गणना खत्म होने में तीन दिन बाकी हैं। 24 मई तक प्रदेशभर में सभी मकानों की गणना हो जाएगी। दुर्गम पर्वतीय क्षेत्रों से लेकर दूरस्थ गांवों तक मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना का कार्य निरंतर जारी है। कठिन रास्तों और विपरीत परिस्थितियों के बावजूद प्रगणक हर घर तक पहुंच सुनिश्चित कर रहे हैं। कोई भी परिवार छूट न जाए। निदेशक इवा आशीष श्रीवास्तव का कहना है कि पिछले तीन दिन में तेजी से प्रगणकों ने डाटा अपलोड किया है, जिससे साफ है कि अब हम लक्ष्य पूरा करने की ओर बढ़ गए हैं। सभी नागरिकों से अपील है कि प्रगणकों का सहयोग करें और सही जानकारी देकर इस राष्ट्रीय अभियान को सफल बनाएं।






