जम्मू-कश्मीर घूमने गए एक परिवार को रेलवे की टिकटिंग व्यवस्था की तकनीकी गड़बड़ी का खामियाजा भुगतना पड़ा है। इंदिरा आवास कॉलोनी हल्दूचौड़ निवासी दिवाकर पांडे के चार कंफर्म टिकट यात्रा से ठीक 24 घंटे पहले दोबारा वेटिंग में चले गए जिससे उन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इस मामले में रेलवे ने विभागीय जांच का आश्वासन दिया है। दिवाकर पांडे ने 17 फरवरी को लालकुआं रेलवे स्टेशन से श्रीनगर से कटरा के लिए वंदे भारत ट्रेन के टिकट बुक कराए थे। प्रारंभ में वेटिंग में रहे ये टिकट 25 फरवरी को कंफर्म हो गए थे। 14 अप्रैल को यात्रा से एक दिन पहले अचानक टिकट दोबारा वेटिंग में चले जाने का मैसेज आया। इससे परिवार हैरान रह गया और रेलवे स्टेशन पर भी स्पष्ट जवाब नहीं मिला। पीड़ित के अनुसार, टिकट रद्द कराने में भी दिक्कत आई। पहले कहा गया कि टिकट वहीं से रद्द होगा जहां से बना है। बाद में समय समाप्त होने की बात कहकर निरस्त करने से इन्कार कर दिया गया। इज्जतनगर मंडल के रेलवे पीआरओ डीएस चौहान ने इसे रेलवे के पीआरएस और आईआरसीटीसी के बीच डेटा चार्टिंग प्रक्रिया या ऑटो-कैंसिलेशन लॉजिक में गड़बड़ी का संकेत बताया है। उन्होंने कहा कि एक बार टिकट कंफर्म होने के बाद वह दोबारा वेटिंग में नहीं जाता है। पूर्वोत्तर रेलवे इज्जतनगर मंडल के सीनियर डीसीएम संजीव शर्मा ने इसे गंभीर मामला बताया है। उन्होंने आईआरसीटीसी पर शिकायत करने और लिखित शिकायत मिलने पर विभागीय जांच का आश्वासन दिया है।






