Sunday, October 18, 2026
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कोर्ट करेगा विचार नाबालिगों के बीच सहमति से संबंध मामले में क्या हो नीति

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किशोर को घर लाकर आलमारी में छुपाया, बनाए संबंध, दोनों की उम्र 15 वर्ष उत्तराखंड हाईकोर्ट के समक्ष एक बहुत गंभीर और संवेदनशील मामला विचार के लिए आया। मामले में कोर्ट विचार करेगा कि ऐसे दुर्लभ मामलों में न्यायिक प्रणाली की भूमिका क्या होनी चाहिए। फिलहाल कोर्ट ने किशोर प्रेम संबंध से जुड़े इस अहम मामले में राहत देते हुए निचली अदालत की कार्यवाही पर अंतरिम रोक लगा दी। मामले में 15 वर्षीय दो नाबालिगों के बीच आपसी सहमति से बने संबंध को कोर्ट ने संवेदनशील मानते हुए उनकी सुरक्षा और स्वायत्तता को मान्यता देने के बीच संतुलन बनाने पर विचार करने की आवश्यकता जताई। न्यायमूर्ति आलोक महरा के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार, पीड़िता के पिता ने आरोप लगाया था कि अभियुक्त ने उनकी नाबालिग बेटी का अपहरण किया है, जिसके बाद पुलिस ने जांच कर चार्जशीट दाखिल कर दी। हालांकि, अभियुक्त पक्ष ने अदालत में दलील दी कि दोनों ही किशोर लगभग 15 वर्ष के हैं और पिछले चार वर्षों से उनके बीच मित्रता रही है।

अभियुक्त की ओर से बताया गया कि बताया कि पीड़िता ने अपने बयान में पहले शारीरिक संबंध से इनकार किया था, लेकिन मजिस्ट्रेट के समक्ष दिए गए बयान में उसने स्वीकार किया कि वह स्वयं अभियुक्त के संपर्क में रही और दोनों के बीच सहमति से संबंध बने थे। मेडिकल रिपोर्ट में भी जबरदस्ती के कोई साक्ष्य नहीं मिले। याचिकाकर्ता की ओर से यह भी कहा गया कि किशोर को ऑब्जर्वेशन होम में रखना उसके भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है, इसलिए मामले में नरमी बरती जानी चाहिए। कोर्ट ने कहा कि सहमति से बने किशोर संबंधों में पीड़िता के बयान को महत्व दिया जाना चाहिए और ऐसे मामलों में न्यायिक प्रणाली का उद्देश्य नाबालिगों की सुरक्षा और कुछ विशेष संदर्भों में उनकी स्वायत्तता को मान्यता देने के बीच संतुलन बनाना होना चाहिए। यहाँ उम्र एक महत्वपूर्ण कारक है। मामले में प्रतिवादी को नोटिस जारी करते हुए कोर्ट ने अगली सुनवाई तक जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड देहरादून में लंबित कार्यवाही पर रोक लगा दी।

किशोर को घर लाकर आलमारी में छुपाया, बनाए संबंध
पीड़िता ने मजिस्ट्रेट के समक्ष दर्ज कराए गए अपने बयान में स्वीकार किया कि पिछले चार वर्षों से उनके बीच दोस्ती रही है। उसने स्वीकार किया कि वह आवेदक के घर गई, उसे अपने घर बुलाया और उसे अपनी अलमारी में छिपाया था। उसे खाना दिया था, और यह भी स्वीकार किया कि उनके बीच शारीरिक संबंध बने थे, जो आपसी सहमति से थे।