जिला अदालत ने दहेज हत्या के मामले में पति को दोषी करार देते हुए 14 साल की सजा सुनाई है। यह आदेश अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायालय (एमपी/एमएलए) योगेश कुमार-तृतीय ने एडीजीसी सुशील कुमार वैश को सुनकर दिया है।मृतका के भाई मनोज केसरी ने नैनी के महुआरी निवासी जीजा दिनेश कुमार केसरवानी के खिलाफ दहेज हत्या, उत्पीड़न और दहेज प्रतिषेध अधिनियम के तहत नैनी के थाना औद्यौगिक क्षेत्र में एफआईआर दर्ज कराई थी। आरोप लगाया था कि बहन ज्योति की शादी सात दिसंबर 2020 को दिनेश के साथ हुई थी। शादी में दहेज देने के बावजूद ससुराल पक्ष की ओर से चार पहिया वाहन और एक लाख रुपये की अतिरिक्त मांग की जाती रही।
इसके बाद 11 दिसंबर 2023 की सुबह सूचना मिली कि बहन की हत्या कर दी गई है। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओर से सात गवाह पेश किए गए, जिनमें वादी, परिजन, चिकित्सक व विवेचक शामिल रहे। अदालत ने आरोपी पति दिनेश कुमार केसरवानी को दोषी मानते हुए दहेज हत्या में 14 साल के कठोर कारावास, दहेज के लिए उत्पीड़न के आरोप में तीन साल के कठोर कारावास और दहेज प्रतिषेध अधिनियम के तहत एक साल के कारावास की सजा सुनाई है।ये सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी। इसके अलावा दोषी पर 12 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड न देने पर छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। अदालत ने अर्थदंड की राशि का 50 प्रतिशत मृतका की बेटी को देने का आदेश दिया है।






